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जब बच्‍चा बीमार होता है, खासकर जब वह हैजा या खसरे से पीड़ित हो, तो उनकी भूख कम हो जाती है और उनका शरीर वही भोजन इस्‍तेमाल करता है, जो खाते हैं। यदि साल में इसी तरह कई बार होता है, तो बच्‍चे की वृद्धि कम या रूक जाएगी।

बीमारी के दौरान, बच्‍चे को नियमित खाने की जरूरत होती है। बीमारी के बाद बच्‍चों को कम से कम एक हफ्ते के लिए प्रत्‍यके दिन एक अतिरिक्‍त समय भोजन की जरूरत होती है।

जब बच्‍चा बीमार होता है, खासकर जब वह हैजा या खसरे से पीड़ित हो, तो उनकी भूख कम हो जाती है और उनका शरीर वही भोजन इस्‍तेमाल करता है, जो खाते हैं। यदि साल में इसी तरह कई बार होता है, तो बच्‍चे की वृद्धि कम या रूक जाएगी।

बीमार बच्‍चे को खाने के लिए प्रोत्‍साहित करना बहुत जरूरी है। जो बच्‍चे बीमार हों और जिन्‍हें भूख भी न हो, उनके लिए यह मुश्किल हो सकता है। इसलिए जितना संभव हो सके बच्‍चे को उसकी पसंद का भोजन देते रहना चाहिए। अतिरिक्‍त स्‍तनपान महत्‍वपूर्ण होता है।

जितना संभव हो सके बीमार बच्‍चे को पीने के लिए प्रोत्‍साहित करना बहुत जरूरी है। बच्‍चों के लिए हैजा के साथ डिहाइड्रेशन अत्‍यंत गंभीर समस्‍या है। पर्याप्‍त मात्रा में तरल पदार्थ डिहाइड्रेशन को रोकने में मदद करेंगे।

यदि बीमारी और कम भूख कुछ दिनों से अधिक तक जारी रहती है तो बच्‍चे को स्‍वास्‍थ्य कार्यकर्ता के पास ले जाना चाहिए। जब तक बच्‍चा उतना वजन वापस नहीं बढ़ा लेता जितना बीमार होने से पहले उसका वजन था, तब तक वह पूरी तरह सही नहीं होगा।