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चार बार गर्भवती होने के बाद गर्भधारण और प्रसव से स्वास्थ्य पर खतरे बढ़ जाते हैं। लगातार गर्भधारण, प्रसव, बच्चे को अपना दूध पिलाने और छोटे बच्चे की देखभाल से महिला का शरीर आसानी से निढ़ाल हो सकता है।

चार बार गर्भवती होने के बाद गर्भधारण और प्रसव से स्वास्थ्य पर खतरे बढ़ जाते हैं।

लगातार गर्भधारण, प्रसव, बच्चे को अपना दूध पिलाने और छोटे बच्चे की देखभाल से महिला का शरीर आसानी से निढ़ाल हो सकता है।

चार बार गर्भधारण के बाद, खास कर अगर दो जन्म के बीच दो साल से भी कम समय का फासला है, तो उसे एनीमिया (खून की कमी) और हेमरेज जैसी स्वास्थ्य से जुडी गंभीर दिक्कतों के बढ़े हुए खतरों का सामना करना पड़ सकता है।

अगर मां चार या उससे अधिक बार गर्भवती हुई है, तो उसके बच्चे की मौत का खतरा बहुत अधिक होता है।