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शरीर में से द्रव्‍य की कमी कर निर्जलीकरण के जरिये हैजा बच्‍चे की मौत का कारण बनता है। जैसे ही हैजा शुरू होता है, यह आवश्‍यक है कि एक बच्‍चे को रोजाना दिये जाने वाले भोजन और फ्लूयड्स से अतिरिक्‍त खाद्य या पेय पदार्थ दिया जाए।

शरीर में से द्रव्‍य की कमी कर निर्जलीकरण के जरिये हैजा बच्‍चे की मौत का कारण बनता है। जैसे ही हैजा शुरू होता है, यह आवश्‍यक है कि एक बच्‍चे को रोजाना दिये जाने वाले भोजन और फ्लूयड्स से अतिरिक्‍त खाद्य या पेय पदार्थ दिया जाए।

एक दिन में जब एक बच्‍चा तीन या उससे अधिक बार पानी वाली लैटरिन करे, तो वह हैजा से पीड़ित है। पानी वाली लैटरिन वाला हैजा अधिक खतरनाक होता है।

कुछ लोग सोचते हैं कि तरल पदार्थ लेना हैजा को और अधिक बढ़ा देगा। यह सच नहीं है। हैजा से पीड़ित बच्‍चे को जितना संभव हो सके उतना पानी हैजा के रूकने तक देना चाहिए। अधिक तरल पदार्थ लेना हैजा के दौरान फ्लूयड्स को हुए नुकसान की पूर्ति करने में मदद करता है।

हैजा से पीड़ित बच्‍चे के लिए स्‍वीकार्य तरल पदार्थ:

मां का दूध (सामान्‍यतौर पर दूध पिलाने से अधिक बार दूध पिलाना चाहिए) सूप चावल का पानी ताजा फलों का जूस थोड़ी से चीनी के साथ हल्‍की चाय नारियल पानी सुरक्षित स्रोत का साफ पानी। यदि पानी के साफ होने की संभावना न हो, तो इसे उबालकर या फिल्‍टर से साफ किया जाना चाहिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्‍ट्स (ओआरएस) को पानी की निर्धारित मात्रा में मिलाएं।

निर्जलीकरण से बचने के लिए जितना संभव हो सके, उतनी बार बच्‍चे को स्‍तनपान करवाना चाहिए और जब भी बच्‍चा पानी वाले लैटरिन करे, उतनी बार निम्‍नलिखित मात्रा में तरल पदार्थ लेना चाहिए।

दो वर्ष से कम उम्र के बच्‍चे के लिए: बड़े कप का एक-चौथाई से आधे तक दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्‍चे के लिए: बड़े कप का आधे से पूरे तक

पानी साफ कप से दिया जाना चाहिए। बोतल कभी इस्‍तेमाल में नहीं लानी चाहिए। बोतल को अंदर से साफ करना काफी मुश्किल होता है। पूरी तरह साफ नहीं हुई बोतल हैजा का कारण बन सकती है।

यदि बच्‍चा उल्‍टी करता है, तो देखभाल करने वाले को 10 मिनट तक इंतजार करना चाहिए और फिर बच्‍चे को धीरे-धीरे दोबारा थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाना शुरू कर देना चाहिए।

जब तक हैजा रूक नहीं जाता, तब तक बच्‍चे को अतिरक्ति तरल पदार्थ देने चाहिए।

आमतौर पर हैजा तीन से चार दिनों में रूक जाता है। यदि यह एक हफ्ते से ज्‍यादा दिनों तक रहता है, तो देखभाल करने वाले को प्रशिक्षित स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता से सहायता लेनी चाहिए।