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एक छोटे बच्‍चे की वृद्धि अच्‍छी होनी चाहिए और उसका वजन तेजी से बढ़ना चाहिए। जन्म से दो वर्ष तक बच्‍चे का वजन प्रत्‍येक महीने बढ़ना चाहिए।

एक छोटे बच्‍चे की वृद्धि अच्‍छी होनी चाहिए और उसका वजन तेजी से बढ़ना चाहिए। जन्म से दो वर्ष तक बच्‍चे का वजन प्रत्‍येक महीने बढ़ना चाहिए।

यदि किसी बच्‍चे का वजन दो महीनों तक नहीं बढ़ता, तो कुछ न कुछ दिक्‍कत जरूर होगी।

नियमित वजन बढ़ते रहना बच्‍चे की वृद्धि और विकास के भली-भांति होने का महत्‍वपूर्ण संकेत है। प्रत्‍येक बार जब स्‍वास्‍थ्य केन्‍द्र जाएं तो बच्‍चे का वजन जरूर देखना चाहिए।

एक बच्‍चे को जिसे छह महीने तक केवल मां का दूध दिया गया हो, सामान्‍यतौर पर उसकी वृद्धि अच्‍छी होती है। स्‍तनपान बच्‍चे की सामान्‍य बीमारियों से रक्षा करता है और अच्‍छे शारीरिक और मानसिक वृद्धि और विकास को सुनिश्चित करता है।

स्‍तनपान करवाये गये शिशु, स्‍तनपान नहीं करवाये गये शिशुओं की अपेक्षा आसानी से सीखते हैं।

यदि कोई बच्‍चा दो महीने तक वजन नही बढ़ाता, तो उसे अधिक पौष्टिक भोजन या अधिक खाने की आवश्‍यकता हो सकती है, वह बीमार हो सकता है या उसे अधिक देखभाल की जरूरत हो सकती है। माता-पिता और स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ताओं को समस्‍या का कारण खोजने के लिए जल्‍द कार्रवाई करने की जरूरत होती है।

प्रत्‍येक छोटे बच्‍चे का वृद्धि चार्ट होना चाहिए। जब भी बच्‍चे का वजन तोला जाए तो वृद्धि चार्ट पर एक बिंदु से निशान लगाना चाहिए, और बिंदु हर बार तोले गये वजन से सम्‍बन्धित होने चाहिए। यह एक रेखा बना देगा जो दिखाएगा कि बच्‍चा कैसा विकास कर रहा है।

यदि रेखा उपर जाती है तो बच्‍चा अच्‍छी वृद्धि कर रहा है। यदि रेखा एक जैसी रहती है या नीचे जाती है जो यह चिंता का विषय हो सकता है।

यदि किसी बच्‍चे का वजन नियमित रूप से नहीं बढ़ रहा, तो कुछ महत्‍वपूर्ण प्रश्‍न पूछने के लिए हैं:

क्‍या बच्‍चा अक्‍सर पर्याप्‍त खाता है। एक बच्‍चे को दिन में तीन से पांच बार तक खाने की आवश्‍यकता होती है। एक अक्षम बच्‍चे को खिलाने के लिए अतिरिक्‍त मदद और समय की आवश्‍यकता होती है।

क्‍या बच्‍चा पर्याप्‍त भोजन प्राप्‍त कर रहा है। यदि बच्‍चा एक बार अपना भोजन खत्‍म करने के बाद अधिक की इच्‍छा जताता है, तो उसे और खाना देना चाहिए।

क्‍या बच्‍चे के भोजन में 'वृद्धि' या 'ऊर्जा' वाले भोजन की मात्रा कम होती है। खाद्य जो बच्‍चे की वृद्धि में सहायता करते हैं वे मांस, मछली, अण्‍डे, फलियां, मूंगफली, अनाज और दालें हैं। तेल की कम मात्रा उर्जा में बढ़ोतरी करेगा। लाल ताड़ का तेल या अन्‍य विटामिन युक्‍त खाद्य तेल ऊर्जा के अच्‍छे स्रोत हैं।

क्‍या बच्‍चा खाने को मना कर रहा है। यदि बच्‍चा किसी खास चीज के स्‍वाद को पसंद नहीं करता, तो उसे अन्‍य चीजें देनी चाहिए। नये खाद्य धीरे-धीरे परिचित करवाने चाहिए।

क्‍या बच्‍चा बीमार है। एक बीमार बच्‍चे को खाने के लिए थोड़ा-थोड़ा और रूक-रूक कर खाने के लिए प्रोत्‍साहित करने की आवश्‍यकता होती है। बीमारी के बाद एक सप्‍ताह तक प्रत्‍येक दिन बच्‍चे को अतिरिक्‍त भोजन की आवश्‍यकता होती है।

छोटे बच्‍चों को कम से कम एक सप्‍ताह तक अतिरिक्‍त मां के दूध की जरूरत होती है। यदि बच्‍चा जल्‍दी-जल्‍दी बीमारी होता है, तो उसे प्रशिक्षित स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता को दिखाना चाहिए।

बीमारी को रोकने के लिए क्‍या बच्‍चा पर्याप्‍त विटामिन ए युक्‍त भोजन ले रहा है। मां के दूध में खूब विटामिन ए होता है। विटामिन ए के अन्‍य खाद्य पदार्थों में लीवर, अण्‍डे, दूध उत्‍पाद, लाल ताड़ का तेल, पीले और संतरी फल और सब्जियां और अन्‍य बहुत से हरे पत्ते वाली सब्जियां होती हैं।

यदि ये पर्याप्‍त मात्रा में उपलब्‍ध नहीं हैं, तो जैसा कि अधिकतर विकासशील देशों में होता है, बच्‍चे को साल में दो बार विटामिन ए की गोलियों की जरूरत होती है।

क्‍या बच्‍चे को मां के दूध का विकल्‍प बोतल के जरिये दिया जा रहा है। यदि बच्‍चा छह महीने से छोटा है, तो स्‍तनपान सर्वोत्तम है। 6 से 24 महीने तक मां का दूध बच्‍चे के लिए सर्वात्तम दूध है क्‍योंकि यह बहुत से पोषक तत्‍वों को स्रोत होता है। यदि अन्‍य दूध दिया जा रहा है, तो बोतल की बजाय खुले और साफ कप से उसे दूध दिया जाना चाहिए।

क्या भोजन और पानी साफ रखा जाता है। यदि नहीं, तो बच्‍चा अक्‍सर बीमार पड़ जाएगा। कच्‍चे खाद्य को अच्‍छी तरह धोना या पकाना चाहिए। पके हुए भोजन को बिना देर किये खा लेना चाहिए। बचे हुए भोजन को दोबारा गर्म करके ही खाना चाहिए।

पानी साफ और सुरक्षित स्रोत से लेना चाहिए। साफ पीने का पानी नियमित रूप से सप्‍लाई किये गये पाइप को साफ रख कर प्राप्‍त किया जा सकता है।

साफ पानी ट्यूबवैल, हैंडपम्‍प और सुरक्षित स्प्रिंग या कुंए से भी प्राप्‍त किया जा सकता है। यदि पानी तालाब, झरने, स्प्रिंग, कुंए या टंकी में से लिया गया हो, तो इसे उबार कर सुरक्षित किया जा सकता है।

क्‍या मल को शौचालय में डाला जाता है। यदि नहीं, तो बच्‍चा कीड़ों से संक्रमण और अन्‍य बीमारियों को जल्‍दी ग्रहण कर सकता है। कीड़े लगे हुए बच्‍चे को स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्त्ता से कीड़े हटाने वाली दवा की जरूरत होती है।

क्‍या छोटा बच्‍चे को घर में काफी देर तक अकेला छोड़ा जाता है या किसी बड़े बच्‍चे के भरोसे छोड़ा जाता है। यदि ऐसा है तो छोटे बच्‍चे को बड़ो से और अधिक देखभाल और स्‍नेह की जरूरत हो सकती है, खासकर खाने के दौरान।