हिन्दी | বাংলা | অসমীয়া |
कच्चा या बचा हुआ खाना खतरनाक हो सकता है। कच्चा खाना धोकर और पका कर खाएँ। पका हुआ खाना पूरी तरह से गर्म करके बिना विलंब खाना चाहिये।

कच्चा या बचा हुआ खाना खतरनाक हो सकता है। कच्चा खाना धोकर और पका कर खाएँ। पका हुआ खाना पूरी तरह से गर्म करके बिना विलंब खाना चाहिये।

खाने को पूरी तरह पकाने से उसके रोगाणु मर जाते हैं। खाना, विशेषत: मांस और मुर्गे के माँस को बहुत अच्छी तरह पकाया जाना चाहिये।

सामान्य गरम खाने में रोगाणु तेजी से बढ़ते हैं। पकाने के बाद खाना बहुत जल्दी खा लेनी चाहिये ताकि खाने में रोगाणु आ ही न पाएँ।

यदि खाना दो या अधिक घंटों के लिये रखना है, तो उसे बहुत गर्म रखना चाहिये या फिर बिल्कुल ठंडा रखना चाहिये।

यदि पकाया हुआ खाना दूसरी बार के भोजन तक रखना हो, तो उसे ढक कर रखना चाहिये ताकि मक्खियाँ और कीड़े-मकोड़े से सुरक्षित रहें और खाना खाते समय उसे पूरी तरह से गर्म कर लें।

योगर्ट और खट्टा दलिया खाने में बहुत अच्छा होता है क्योंकि इसके अम्लों के कारण रोगाणु बढ़ नहीं पाते।

कच्चा खाना, विशेषत: पॉल्ट्री और समुद्री खाना, इनमें प्राय: रोगाणु होते हैं। पका हुआ खाना कच्चे खाने में से रोगाणु ले सकता है। इसीलिये कच्चे और पके हुए खाने को अलग रखना चाहिये वरना पके हुए खाने में कच्चे खाने से रोगाणु आ ही जायेंगे।

चाकू, सब्जी काटने के बोर्डस् और खाना पकाने की जगहों की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिये और इन सब वस्तुओं को प्रयोग के बाद धोकर रखना चाहिये।

माँ का दूध नन्हें और छोटे बच्चों के लिये सुरक्षित है। पशुओं का ताज़ा उबला हुआ दूध बिना उबले दूध से अधिक सुरक्षित है।

माँ का दूध निकाल कर कमरे के तापमान पर, एक साफ और ढके हुए बर्तन में आठ घंटों तक रखा जा सकता है।

नन्हें और छोटे बच्चों का खाना बनाते समय खास ध्यान रखना चाहिये। उनका खाना ताज़ा बनाना चाहिये और उसे देर तक रखा भी नहीं जाना चाहिये।

फल और सब्जियाँ यदि नन्हें और छोटे बच्चों का कच्ची खिलाई जानेवाली हैं तो पहले उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें क्योंकि कीटनाशक और अन्य दवाइयाँ फल और सब्जियों पर दिखाई नहीं देतीं लेकिन प्राणघातक हो सकती हैं।